आयकर विभाग ने बढ़ाई ITR भरने की अंतिम तिथि – करदाताओं को बड़ी राहत | नई तारीखें घोषित
आयकर विभाग ने बढ़ाई ITR भरने की अंतिम तिथि – करदाताओं को बड़ी राहत | नई तारीखें घोषित
देशभर
में करदाता लंबे समय से
यह मांग कर रहे
थे कि आयकर रिटर्न
(ITR) और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल
करने के लिए समय
कम पड़ रहा है।
इसी समस्या को देखते हुए
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने
आकलन वर्ष 2025-26 के लिए अंतिम
तिथियों में महत्वपूर्ण बदलाव
किया है। इस निर्णय
से लाखों व्यवसायियों, कंपनियों और टैक्स प्रोफेशनल्स
को राहत मिली है,
क्योंकि अब उनके पास
सारे दस्तावेज व्यवस्थित तरीके से तैयार करने
के लिए पर्याप्त समय
है।
🔹 1️ नई अंतिम तिथियाँ (Assessment
Year 2025-26)
CBDT द्वारा
जारी आदेश के अनुसार
अब टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और
ITR फाइलिंग दोनों की अंतिम तिथि
को आगे बढ़ा दिया
गया है। पहले ऑडिट
रिपोर्ट जमा करने की
अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2025 थी, जिसे बढ़ाकर
10 नवंबर 2025 कर दिया गया
है। वहीं, ऑडिट वाले मामलों
में ITR फाइल करने की
आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2025 से बढ़ाकर 10 दिसंबर
2025 कर दी गई है।
इस बदलाव से करदाताओं को
कम से कम एक
महीने का अतिरिक्त समय
मिल गया है।
🔹 2️ किन करदाताओं को मिलेगा लाभ?
यह
समय वृद्धि मुख्य रूप से उन
करदाताओं के लिए है
जिनकी आय का ऑडिट
अनिवार्य है। इसमें कंपनियाँ,
साझेदारी फर्म, LLP, व्यवसायी और फर्म पार्टनर्स
शामिल हैं। ऐसे सभी
लोग, जिनके वित्तीय लेन-देन का
ऑडिट कानून द्वारा आवश्यक है, इस बढ़ी
हुई समय सीमा का
उपयोग कर अपनी दस्तावेज़ी
प्रक्रिया को बेहतर तरीके
से पूरा कर सकते
हैं। इससे समय पर
और बिना गलती के
ITR जमा करने में मदद
मिलेगी।
🔹 3 हाई कोर्ट्स का विशेष योगदान
पिछले
कुछ महीनों से विभिन्न हाई
कोर्ट्स में याचिकाएँ दायर
की गई थीं, जिनमें
करदाताओं और टैक्स पेशेवरों
ने समय कम पड़ने
की बात कही थी।
गुजरात, पंजाब व हरियाणा एवं
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट्स ने
इस मुद्दे को गंभीरता से
लेते हुए CBDT को समय बढ़ाने
के निर्देश दिए। अदालतों का
स्पष्ट मत था कि
जब ऑडिट रिपोर्ट की
तारीख आगे बढ़ाई गई
है, तो ITR फाइलिंग की तारीख भी
तर्कसंगत रूप से बढ़नी
चाहिए।
🔹 4️ CBDT के अनुसार किया गया बदलाव
CBDT ने
अपने आदेश में यह
सुनिश्चित किया कि ऑडिट
रिपोर्ट जमा करने और
ITR दाखिल करने के बीच
उचित अंतर हो, ताकि
करदाताओं को दोबारा किसी
परेशानी का सामना न
करना पड़े। इसीलिए ऑडिट रिपोर्ट की
तारीख 10 नवंबर 2025 और ITR फाइलिंग की तारीख 10 दिसंबर
2025 कर दी गई। इससे
करदाता पहले ऑडिट प्रक्रिया
पूरी कर पाएँगे और
फिर आराम से ITR फाइल
कर सकेंगे।
🔹 5️ करदाताओं को क्यों मिली राहत?
इस
वर्ष टैक्स पेशेवरों पर काम का
दबाव काफी बढ़ गया
था। आयकर पोर्टल पर
तकनीकी समस्याएँ, ढेर सारे फॉर्म्स
की जटिलताएँ, दस्तावेजों की उपलब्धता में
देरी और त्योहारों का
मौसम मिलकर समय को और
भी कम बना रहे
थे। ऐसी स्थिति में
समय बढ़ना बेहद जरूरी था,
ताकि करदाता गलतियों से बचते हुए
सही टैक्स फाइलिंग कर सकें।
🔹 6️ दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई
दिल्ली
हाई कोर्ट में भी इस
मामले पर सुनवाई हुई,
जहाँ करदाताओं द्वारा समय सीमा आगे
बढ़ाने की मांग रखते
हुए याचिका दायर की गई
थी। अदालत ने CBDT से विस्तृत जवाब
मांगा और करदाता हित
को ध्यान में रखते हुए
समय बढ़ाने का संकेत दिया।
इसपर CBDT ने पूरे देश
के लिए तारीखों में
वृद्धि लागू कर दी,
जो एक सकारात्मक कदम
माना जा रहा है।
🔹 7️ इस समय विस्तार का लाभ कैसे उठाएँ?
अब
जब समय बढ़ गया
है, करदाताओं को चाहिए कि
वे इस अतिरिक्त समय
का सदुपयोग करें। सबसे पहले अपने
आवश्यक वित्तीय दस्तावेज और लेखा-पुस्तकें
तैयार कर लें। टैक्स
ऑडिट रिपोर्ट को निर्धारित तिथि
10 नवंबर 2025 तक जमा कर
दें और उसके बाद
10 दिसंबर 2025 तक ITR फाइल कर लें।
साथ ही, किसी भी
गलती से बचने के
लिए अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट
से समय रहते सलाह
लेते रहें।
🔹 8️ ITR फाइल करने से पहले महत्वपूर्ण जांच
ITR फाइलिंग
से पहले कुछ दस्तावेजों
का मिलान करना बेहद जरूरी
है। इसमें Form 26AS, AIS और TIS की जानकारी को
सत्यापित करना शामिल है।
इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट, GST रिकॉर्ड
और एडवांस टैक्स भुगतान का मिलान भी
कर लें। सभी कागज़ात
व्यवस्थित होने से न
सिर्फ ऑडिट कार्य आसान
होगा, बल्कि ITR भी बिना किसी
देरी के फाइल की
जा सकेगी।
✨ निष्कर्ष
आयकर
विभाग द्वारा तारीखें बढ़ाना करदाताओं के लिए राहत
और एक सही व
स्वागत योग्य कदम है। अब:
✅ ऑडिट
रिपोर्ट की अंतिम तिथि
— 10 नवंबर 2025
✅ ITR फाइलिंग
की अंतिम तिथि — 10 दिसंबर 2025
इसलिए
किसी भी तरह की
जल्दबाजी न करें, लेकिन
कार्य में देरी भी
न होने दें। सही
दस्तावेज़ों और उचित योजना
के साथ समय पर
टैक्स भरकर आप ब्याज
व पेनल्टी से बच सकते
हैं ✅
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